What is Aadhar Card?

Aadhar Card Kya h? आधार कार्ड क्या है?

Aadhar Card kya h? आधार कार्ड क्या है? 

इस वेबसाइट पर आपको आधार कार्ड से जुड़ी एक-एक सूचना लेख के द्वारा विस्तार से बताई और समझाई जाएगी। साथ ही साथ कोई भी आधार कार्ड की ऑफिसियल वेबसाइट  पर नई अपडेट आएगी वो आपके साथ साझा की जाएगी।

मुख्यत: भारतवासी आधार कार्ड से संबंधित सवाल जो कि नीचे क्रमानुसार दिए गए हैं वो गूगल में सर्च करते हैं, जिनके जवाब हिंदीभाषी लोगों को हिंदी में नहीं मिलते और मिल भी जाते हैं तो आधे अधूरे जिससे उनको समस्या होती है,

इसी समस्या के समाधान के लिये इस वेबसाइट को बनाया गया है और जो इंग्लिश भाषा समझते हैं वो भी इस वेबसाइट के आर्टिकल को सही लगने पर आगे शेयर करें ताकि सबको सही जानकारी मिल सके।

क) आधार कार्ड डाउनलोड कैसे करें?

Aadhar card download kese kare?

How to download Aadhar card?

ख) ई आधार कार्ड कैसे डाउनलोड करें?

E-aadhar kese download kare

How to download e aadhar card?

ग) नजदीकी आधार कार्ड सेंटर कहाँ है?

घ) आधार कार्ड बनवाने के लिए अपॉइंटमेंट कैसे लें?

ड़) आधार कार्ड में पता घर बैठे बैठे मोबाइल फोन से/कंप्यूटर से कैसे बदलें या अपडेट करें?

च) आधार कार्ड में मोबाइल फोन नंबर और ईमेल आईडी कैसे अपडेट करते हैं?

      औऱ भी बहुत सारे सवाल होते हैं। इन सारे सवालों के जवाब लेख यानि कि आर्टिकल के माध्यम से यहाँ मिलेंगे।

हर आर्टिकल को पढें और आगे से आगे अपने लोगों को भेजने का कष्ट करें खासकर उनको जिनको इंग्लिश समझने में दिक्कत होती है।

इस परिचय(introduction) के बाद चलिए हमारा पहला आर्टिकल शुरू करते हैं – 

आधार कार्ड क्या है? जानिये अभी आसान भाषा में!

👉 12-अंकीय विशिष्ट संख्या (12-DIGIT SPECIFIC NUMBER)

आधार संख्या 12 अंको की एक निजी विशिष्ट संख्या है जिसे भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण यानी कि यू.आई.डी.ए.आई (UIDAI) द्वारा सभी नागरिकों को जारी किया जाता है।

यह संख्या, भारत में किसी भी जगह, व्यक्ति की पहचान और पते का प्रमाण है।

 दोनों, भारतीय डाक द्वारा प्राप्त और यू.आई.डी.ए.आई. की वेबसाइट से डाउनलोड किया गया ई-आधार कार्ड समान रूप से मान्य हैं।

कोई भी व्यक्ति जो भारत का निवासी हो और जो यू.आई.डी.ए.आई. द्वारा निर्धारित सत्यापन प्रक्रिया को पूरा करता हो, वह आधार के लिए आधार केंद्र में जाकर नामांकन करवा सकता है चाहे उसकी उम्र और लिंग कुछ भी हो।

 प्रत्येक व्यक्ति केवल एक बार नामांकन करवा सकता है। नामांकन निशुल्क है और ध्यान देने योग्य एक जरुरी बात यह है कि एक से अधिक बार किसी भी वयस्क का नामांकन करवाना समय की बर्बादी होगी क्योंकि बॉयोमीट्रिक्स और डेमोग्राफिक सूचनाएं बस एक बार ही रिकॉर्ड की जाती हैं।

दूसरी बार रिकॉर्ड होने के बाद सिस्टम  उसे अपने आप रिजेक्ट कर देगा ।

12-अंकीय आधार संख्या भारत के हर व्यक्ति की जीवनभर की पहचान है। आधार संख्या से हम

बैंक में खाता खुलवाने, डिजिलॉकर(digilocker) मोबाइल एप इस्तेमाल करने, बिजली बिल कनेक्शन लेने, सिम कार्ड लेने, गैस कनेक्शन लेने

और अन्य सरकारी व गैर-सरकारी सेवाओं की सुविधाएं प्राप्त करने के लिए कर सकते हैं।

👉 आधार कार्ड की कुछ मुख्य बातें –

1. आसानी से ऑनलाइन सत्यापन।

2. सरकारी एवं निजी डेटाबेस में से दोहरी और फ़र्जी पहचान को बड़ी संख्या में पहचान कर समाप्त करने की ओर अनूठा, सराहनीय और ठोस कदम।

3. एक क्रम-रहित (रैंडम) जनित संख्या जो किसी भी जाति, धर्म, पंथ, लिंग और भौगोलिक क्षेत्र आदि के वर्गीकरण पर आधारित नहीं है।

4. पूरे भारत में मान्य ।

5. आधार पहचान का प्रमाण है, नागरिकता का नहीं।

आधार कार्ड के पीछे आपने लिखा हुआ पहला बिंदु पढ़ा ही होगा। 

aadhaar card

👉 किस अधिनियम के तहत आधार कार्ड की उत्पत्ति हुई ?

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) एक सांविधिक प्राधिकरण है, जिसकी स्थापना
भारत सरकार द्वारा आधार (वित्तीय और अन्य सब्सिडी, लाभ और सेवाओं के लक्षित वितरण) अधिनियम,2016 (“आधार अधिनियम,2016”) के प्रावधानों के अंतर्गत, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत दिनांक 12 जुलाई 2016 को की गई।

एक सांविधिक प्राधिकरण के रूप में अपनी स्थापना से पूर्व यूआईडीएआई तत्कालीन योजना आयोग (अब नीति आयोग) राजपत्र अधिसूचना संख्या ए-43011/02/2009-एडमिन-1 दिनांक 28 जनवरी 2009 के तहत इसके एक सम्बद्ध कार्यालय के रूप में कार्य कर रहा था।

बाद में सरकार द्वारा सरकारी कार्य आवंटन नियमों में संशोधन करके 12 सितम्बर 2015 को यूआईडीएआई को तत्कालीन सूचना और प्रौद्योगिकी विभाग (डीईआईटीवाई) के साथ सम्बद्ध कर दिया गया।

यूआईडीएआई की स्थापना भारत के सभी निवासियों को “आधार” नाम से एक विशिष्ट पहचान संख्या (यूआईडी) प्रदान करने हेतु की गई थी ताकि इसके द्वारा

(क) दोहरी और फर्जी पहचान समाप्त की जा सके ।

(ख) उसे आसानी से एवम किफ़ायती लागत में सत्यापित और प्रमाणित किया जा सके ।

प्रथम यूआईडी नम्बर यानि कि पहला आधार कार्ड महाराष्ट्र के निवासी, नन्दूरबार को 29 सितम्बर 2010 को जारी किया। 

प्राधिकरण द्वारा अब तक 120 करोड़ से अधिक भारतीय निवासियों को आधार नम्बर प्रदान किए जा चुके हैं।

आधार अधिनियम 2016 के तहत, यूआईडीएआई आधार नामांकन और प्रमाणीकरण, आधार जीवन चक्र के सभी चरणों के प्रबंधन और संचालन सहित,

व्यक्तियों को आधार नम्बर जारी करने और प्रमाणीकरण करने के लिए नीति, प्रक्रिया और प्रणाली विकसित करने के लिए और पहचान जानकारी और प्रमाणीकरण रिकॉर्ड की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार है।

आधार से संबंधित अब तक के सारे कानूनी दस्तावेजों के सीधे लिंक –

1. Notification

दिनांक 25.07.2019

2. Aadhaar and Other Laws (Amendment) Act, 2019

दिनांक 24 जुलाई 2019

3. Aadhaar and Other Laws (Amendment) Ordinance, 2019

दिनांक 7 मार्च 2019

4. Justice K.S Puttaswamy (Retd) and Anr. Vs. UOI and Ors dated 26.09.2018 – Five Judges Constitutional Bench

दिनांक 26 सितम्बर 2018

5. Aadhaar Act is Constitutionally Valid: The Supreme Court Verdict

दिनांक 26 सितम्बर 2018

6. Justice K.S. Puttaswamy (Retd) and Anr. Vs. UOI and Ors. dated 24.08.2017- Nine Judges Constitutional Bench

दिनांक 24 अगस्त 2017

7. Binoy Viswam vs. UOI and Ors. dated 09.06.2017

दिनांक 9 जून 2017

8. Aadhaar (Targeted Delivery of Financial and Other Subsidies, Benefits and Services) Act, 2016

दिनांक 26 मार्च 2016

किसी भी प्रकार का डाउट होने पर कमेन्ट बॉक्स में या contact us पेज पर जा कर हमें सवाल भेजें या हमें बताएं अगर आपके पास कोई भी सुझाव हो तो।

धन्यवाद !!

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top